दोस्तों बाबासाहब आम्बेडकरजी ने इस देश और दुनिया का जो अध्ययन किया है ! और जो तर्क दिए है ! उसे दुनिया में कोई तोड़ नहीं है ! आजतक बाबासाहब जैसा न कोई हुआ है और न ही कोई होगा ! इसलिए बाबासाहब ही हमारे लिए प्रथम और बाबासाहब ही हमारे लिए अंतिम होने चाहिए ! कुछ लोगो ने हमारे समाज में बाबासाहब से भी बढकर महापुरुष खुद को घोषित करने की कोशिश की है ! उन्होंने न खुद बाबासाहब को पढ़ा है ! और न ही औरोंको पढ़ने दिया ! बस उन्हो ने कही हुई बात मानो तो आप बाबासाहब की सही औलाद हो ! वरना चमचे और भड़वे हो ! ऐसा गलत सन्देश देकर हमे मानसिक गुलाम बनाया है ! मै आप को यहाँ पर एक उदहारण देना चाहता हु !
------उदा.-----"कांग्रेस ये जलता हुआ घर है, उससे दूर रहो !" ऐसा हमें बताया गया है ! हमने उसे सही माना ! लेकिन उन्होंने इसका सन्दर्भ कभी नहीं बताया ! मै बताता हु !
-----२५ मई १९४८ के लखनाउ के भाषण में बाबासाहब ये कहते है की, "आज कांग्रेस की स्थिति जलते घर के समान हुई है ! समाजवादी पार्टी कांग्रेस से दूर जा रही है ! मार्क्सवादी कांग्रेस के साथ काम करने के लिए तैयार नहीं है ! कांग्रेस और कितने दिनों तक बनी रहेंगी इसके लिए मै शाशंक हु ! और ऐसे समय में अगर हम कांग्रेस में प्रवेश करेंगे तो कांग्रेस के हाथ मजबूत होंगे ! मै अगर उनके मंत्रिमंडल में काम कर रहा हु तो वो भी बिना किसी शर्त पर ! मै कभी भी वह से बहार निकल सकता हु ! मै अपने लोगो के अधिकार के लिए वह हु ! लेकिन आप लोग उनके साथ जुड़े तो कभी बहार नहीं निकल पाओगे ! इसलिए मै विनती करता हु की आप लोग कांग्रेस में प्रवेश न करे !"--------(सन्दर्भ ----भाषण और लेखन खंड-१८, भाग- ३)
------इस बात को कुछ सिरफिरे लोगो ने अपने लोगो के विरुद्ध में उपलोग कर कर हमारे लोगो को भटकाया है ! बाबासाहब ने किया हुआ कांग्रेस सम्बन्धी वक्तव्य उपरोक्त होने के बाद भी ये कभी नहीं बताया ! क्यों ? किसलिए ? सोचो ?
----अगर आज बाबासाहब होते तो क्या बीजेपी के साथ समर्थन करने को कहते ? अगर आज बाबासाहब होते तो आर एस एस जैसे बीजेपी का विरोध नहीं करते ? क्या जातिवादी पक्ष के साथ जाना चाहते ?----------सोचो------
मेरी आप से ये गुजारिश है की.....बाबासाहब के भाषण और खंड पढ़िए---- बाबासाहब ने लिखी हुई किताबे पढ़िए-------- न की किसी और ने लिखी हुई किताबे !
खुद पढ़कर सच्चाई को जानिए और परखिये ! --------न की किसी के भड़काऊ और बेन्बी के देठ से दिए गए भाषण को सच मानिये !
अपनी खुद की आँखों और दिमाग पर विश्वास कीजिये ! ----न की किसी और ने कही बातो पर !
इतना भी करोगे तो बाबासाहब के मिशन को चलाने वाले सच्चे भिमसैनिक बन जाओगे ! मेरी शुभकामनाये आप के साथ है !
--------आप की प्रतिक्रिया जरुर दे-----आप सभी के प्रतिक्रिया का स्वागत है ---------------------------
-------जय भीम----------प्रा. संदीप नंदेश्वर----------------